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"जीना चाहता हूँ मगर जिदगी राज़ नहीं आती है, मरना चाहता हूँ मगर मौत भी पास नहीं आती है, उदास हु इस ज़िन्दगी से, क्युकी उसकी यादे भी तो तरपाने से बाज नहीं आती है... 💔💔💔"
— unknown
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"👉 बहुत ही अच्छे निशानेबाज़ हो तुम, ठीक निशाने पे तुमने तीर मारा है..! दुनिया से हर बाज़ी जितने वाला, आज सिर्फ तुमसे अपना दिल 💓 हारा है...!"
— unknown
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"ए चल जा निकल इस घर से... एक बार तेरी शादी हो जाये तो पिछा छूटे... और हां मै बिलकूल भी नही रोऊँगा तेरी शादी में... ऐसा कहनेवाला वो भाई होता है .... हां हां दिखता है शादी के बाद क्या करोगी' छोटी छोटी बातो पर रुठकर बोलनेवाला वो भाई होता है.... चल काली कहीं की।तुझसे जादा तो मै गोरा हूं' ऐसे चिढानेवाला वो भाई होता है.... सभी के कपडे Choice करता है लेकिन खुद के कपडे बहन के choice से लेता है'... वो भाई होता है... ये style मुझे suit होती है ना'? ये gf से पहले बहन को 1०० बार पुछनेवाला वो भाई होता है ..... 'नई bike चाहिए जरा पापा से बोल दे ना'... ऐसा मस्का मारनेवाला ...वो भाई होता है मेरे phone को हाथ ना लगा' ऐसा कहकर आपका phone जो हक से लेता है( फोकट मे hotspot से net चलाने के लिए) .. वो भाई होता है.... दादागिरी करके अपने कपडे हक से धोने के लिए कहनेवाला वो भाई होता है ...... घर मे झगड़ा लेकिन दोस्तों मे बहन की भलाई कहते न थकनेवाला वो भाई होता है.... ए ममा,इसे चुप करा दे ,वरना ये तो गई आज काम से... ऐसे टपोरीगिरी से धमकानेवाला वो भाई होता है... लेकिन ... .बहन की शादी मे चुपचाप ... एक कोने में ... अपना मुँह छुपाकर रोनेवाला... वो भाई होता है... सही कहा ना 😊😊😊"
— unknown
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"आप खुद नही जानते आप कितने प्यारे हो...! जान हो मेरी पर मेरी जान से भी प्यारे हो..! दूरियां होने से कोई फर्क नहीं पड़ता बाबू, आप कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो... ❤️❤️❤️"
— unknown
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"👉 *तस्वीरें लेना भी जरूरी हैं, ज़िंदगी में साहब...!* *आईने गुजरा हुआ वक्त नही बताया करते...!!*"
— unknown
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"*बेटियां* घर आने पर, दौड़कर पास आये। और सीने से लिपट जाएं, उसे कहते हैं बिटिया।। थक जाने पर, स्नेह प्यार से। माथे को सहलाए, उसे कहते हैं बिटिया।। कल दिला देंगे, कहने पर मान जाये। और जिद्द छोड़ दे, उसे कहते हैं बिटिया।। रोज़ समय पर दवा की याद दिलाये। और साथ खिलाये, उसे कहते हैं बिटिया।। घर को मन से, फूल सा सजाये। और सुंदर बनाए। उसे कहते हैं बिटिया।। सहते हुए भी, दुख छुपा जाये। और खुशियां बाटे, उसे कहते हैं बिटिया।। दूर जाने पर, जो बहुत रुलाये। याद अपनी दिलाये, उसे कहते हैं बिटिया।। पति की होकर भी, पिता को न भूल पाये। सुबह शाम बात करे, उसे कहते हैं बिटिया।। मीलों दूर होकर भी, जो पास होने का। एहसास दिलाये, उसे कहते हैं बिटिया।। इसलिए अनमोल "हीरा" बेटियां कहलाती है। और घरों में संस्कार, भर पूर फैलती है।। इसलिए इन्हें सरस्वती, दुर्गा और लक्ष्मी कहते है। ये कविता सभी को समर्पित !!"
— unknown