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Suvichar
"*किसी कवि ने क्या खूब लिखा है।*👌

*बिक रहा है पानी,*
*पवन बिक न जाए ,*

*बिक गयी है धरती,*
*गगन बिक न जाए*

*चाँद पर भी बिकने लगी है जमीं .,*
*डर है की सूरज की तपन बिक न जाए ,*

*हर जगह बिकने लगी है स्वार्थ नीति,*
*डर है की कहीं धर्म बिक न जाए ,*

*देकर दहॆज ख़रीदा गया है अब दुल्हे को ,*
*कही उसी के हाथों दुल्हन बिक न जाए ,*

*हर काम की रिश्वत ले रहे अब ये नेता ,*
*कही इन्ही के हाथों वतन बिक न जाए ,*

*सरे आम बिकने लगे अब तो सांसद ,*
*डर है की कहीं संसद भवन बिक न जाए ,*

*आदमी मरा तो भी आँखें खुली हुई हैं*
*डरता है मुर्दा , कहीं कफ़न बिक न जाए.*
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏"
— unknown
Suvichar
"वास्तव में... दुःख ही इंसान का सच्चा मित्र है;

जब तक साथ रहता है, बहुत सबक सिखाता है,

और.. जब छोड़कर जाता है.. तब सुख देकर जाता है।

🌹 राधे राधे 🌹

"
— unknown
Suvichar
"I like u & I love u..क्या अंतर है?

सबसे सुन्दर जवाब गौतम बुद्ध ने दिया है:

अगर तुम 1 फूल को like करते हो तो तुम उसे तोड़कर रखोगे।

लेकिन अगर उस फूल से love करते हो तो तोड़ने के बजाय तुम रोज उसमे पानी डालोगे ताकि फूल मुरझा न जाए।

जिसने इस रहस्य को समझ लिया उसने पूरी जिंदगी को समझ लिया।
👍👍👍👍"
— unknown
Suvichar
"*1.एक जमाना था, तन ढकने को कपड़े कम थे,*
*फिर भी लोग तन ढकने का प्रयास करते थे।*
*आज कपड़ों के भंडार हैं,*
*फिर भी तन दिखा ने का प्रयास करते है ।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*2.एक जमाना था,*
*आवागमन के साधन कम थे।*
*फिर भी लोग सुख दुःख में परिजनों से मिलने जाते थे।*
*आज आवागमन के साधनों की भरमार है,*
*फिर भी लोग न आ सकने के बहाने बताते है।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*3.एक जमाना था,*
*गाँव की बेटी का सब ख्याल रखते थे।*
*आज पड़ोसी की बेटी को भी उठा ले जाते है।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*4.एक जमाना था,*
*लोग नगर-मौहल्ले के बुजुर्गों का हालचाल पूछते थे।*
*आज माँ-बाप तक को वृद्धाश्रम मे छोड़ आते है,*
*और सुबह से शाम तक शब्दों से अपमानित करते हैं ।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*5.एक जमाना था,*
*खिलौनों की कमी थी।*
*फिर भी मौहल्ले भर के बच्चे साथ खेला करते थे।*
*आज खिलौनों की भरमार है,*
*पर घर-द्वार तक बंद हैं।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*6.एक जमाना था,*
*गली-मौहल्ले के जानवर तक को रोटी दी जाती थी ।*
*आज पड़ोसी के बच्चे भी भूखे सो जाते हैं , हमें मालूम ही नहीं पड पाता हैं।*

●हम समझदार जो हो गए हैं ।

*👉🏿इस पर विचार जरूर करें👈🏿*"
— unknown
Suvichar
"सुदामा ने कृष्ण से पुछा “दोस्ती” का असली मतलब क्या है ?
.
.
.
कृष्ण ने हंसकर कहा जहाँ “मतलब” होता है, वहाँ दोस्ती कहाँ होती है !
👍👍👍👍👍"
— unknown
Suvichar
"👉🏻अगर किसी बंदे🚶🏻‍♂ को जमीन पर गिरे हुए पैसे 💵 मिल
जाएं
.
.
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.
.तो वह अगले☝ एक महीने तक नीचे देखकर 👀चलता
है़ ‼
😉😉😉😉😉"
— unknown