✨ m.smsday.in

Discover & share words of wisdom

Admin Panel
Shayari
"❤♡♡
पल-पल का.........
प्यार का वादा है........
तुम से,.........
❤♡♡
अपनापन कुछ.........
ज्यादा है तुम से,......
ना सोचना की........
भुल जायेंगे हम........ तुमको,......
❤♡♡
जिंदगी भर साथ.........
निभाने का वादा है......
तुम से.
I Miss You j..
👩‍❤️‍💋‍👨👩‍❤️‍💋‍👨👩‍❤️‍💋‍👨👩‍❤"
— unknown
Shayari
"प्यार आंखों में आए तो क्या बात है...
जिक्र बातों में आए तो क्या बात है...

हाथ हाथों में ले कोई तुम्हारा अगर...
और चुपके से दबाए तो क्या बात है...

देख कर कोई शर्माए तो क्या बात है...
और बेवजह मुस्काए तो क्या बात है...

दूरी हो जिन से, मिलना मुमकिन ना हो...
वो जिंदगी में आए तो क्या बात है...

हक कोई तुम पर जताए तो क्या बात है...
तुम्हें अपना बताए तो क्या बात है...

भूलकर एक तरफ इस जमाने का डर...
तुमसे मिलने को आए तो क्या बात है...

जानकर कोई सताए तो क्या बात है...
फिर खुद ही मनाए तो क्या बात है...

एक पल हंस कर कहे हाँ मुझे प्यार है...
दूजे पल मुकर जाए तो क्या बात है...

आंसुओं में दर्द बह जाए तो क्या बात है...
खुशी चेहरे पे आए तो क्या बात है...

सबने पूछा जिसे तुम छुपाते रहे...
वो नाम होठों पे आए तो क्या बात है...

वो नाम होठों पे आए तो क्या बात है...!!
❤️❤️❤️❤️"
— unknown
Shayari
"मैं अकेला बूँद हूँ
यदि आप मिल जाएं तो सागर हूँ...

मैं अकेला धागा हूँ
यदि आप मिल जाएं तो चादर हूँ...

मैं अकेला कागज हूँ
यदि आप मिल जाएं तो किताब हूँ...

मैं अकेला अलफ़ाज़ हूँ
यदि आप मिल जाएं तो सुंदर रचना हूँ...

मैं अकेला ईंट पत्थर हूँ
यदि आप मिल जाएं तो इमारत हूँ...

मैं अकेला केवल दुआ हूँ
यदि आप मिल जाएं तो पुरी पूजा हूँ...

जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में है...
👍🏻👍🏻👍🏻

"
— unknown
Shayari
"Nice Lines 👌
मकान जले तो बीमा ले सकते हैं । 
सपने जले तो क्या किया जाए . . . 
.
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं । 
आँख बरसे तो क्या किया जाए . . . 
.
शेर दहाड़े तो भाग सकते हैं । 
अहंकार दहाड़े तो क्या किया जाए . . . 
.
काँटा चुभे तो निकाल सकते हैं । 
कोई बात चुभे तो क्या किया जाए . . .
🙏🙏🙏🙏🙏


"
— unknown
Shayari
"इतने बेताब इतने बेक़रार क्यूँ हैं,
    लोग जरूरत से होशियार क्यूँ हैं।

मुंह पे तो सभी अपने हैं लेकिन.
     पीठ पीछे दुश्मन हज़ार क्यूँ हैं।

हर चेहरे पर इक मुखौटा है यारो,
    लोग ज़हर में डूबे किरदार क्यूँ हैं।

सब काट रहे हैं यहां इक दूजे को,
     लोग सभी दो धारी तलवार क्यूँ हैं।

सब को सबकी हर खबर चाहिये,
 लोग चलते फिरते अखबार क्यूँ है l🙏😔
🙏🙏🙏🙏"
— unknown
Shayari
"तुम सिर्फ खास नही मगर,
मेरी हर सांस मे हो तुम..

रूबरू नहीं हो मगर,
मेरे हर एहसास मे हो तुम..

शायद मिलोगे नही कभी मगर,
मेरी हर तलाश मे हो तुम...

चाहे पूरी ना हो मगर,
मेरी हर आस मे हो तुम...

दूर ही सही मगर,
फिर भी मेरे पास ही हो सिर्फ तुम...
❤️❤️❤️
"
— unknown