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"स्त्री...
स्त्री प्रेम में रो सकती है, सो सकती है और किसी को धो भी सकती है।
स्त्री प्रेम में टूट सकती है, रूठ सकती है, लूट सकती है और किसी को कूट भी सकती है।
स्त्री प्रेम में जोड़ सकती है, तोड़ सकती है, मोड़ सकती है और किसी का सिर फोड़ भी सकती है।
स्त्री प्रेम में डर सकती है, वर सकती है, मर सकती है और किसी के एक दो धर भी सकती है।
स्त्री प्रेम में भटक सकती है, खटक सकती है, मटक सकती है और पटक भी सकती है।
स्त्री प्रेम में लजा सकती है, सजा सकती है और किसी के कान नीचे बजा भी सकती है।
स्त्री प्रेम में ढल सकती है, गल सकती है, जल सकती है और किसी को छल भी सकती है।
स्त्री प्रेम में झेल सकती है तो किसी के साथ खेल भी सकती है।
स्त्री प्रेम में गा सकती है, आ सकती है और जा भी सकती है।
नारी सबको प्यारी हो सकती है, तो सब पे भारी भी हो सकती है 🌹🌹"
— unknown
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"सागर-भर शुभ मंगल कामनाओ सहित कृतज्ञ हृदय से शुभ रात्रि सुहृदयश्रेष्ठ💐💐

दोस्तो ,

एक डॉक्टर बहुत ही होशियार थे ।
वह मौत के मुंह में से भी बीमार को वापस ले आते थे।

डॉक्टर के पास जो भी मरीज आता वह उससे एक फॉर्म भरवाते थे।

मरीज से यह पूछते कि आप इस फार्म में लिखें कि यदि आप बच गए तो किस तरह से बाकी जिंदगी जियेगें और आपके जीवन में क्या करना शेष रह गया है जो आप करना चाहेंगें ?

सभी मरीज अपने मन की बात लिखने लगे।

अगर मैं बच गया तो अपने परिवार के साथ अपना समय बिताउंगा।

मैं अपने पुत्र और पुत्री की संतानों के साथ जी भर कर खेलूंगा।

किसी ने जी भर कर पर्यटन, घूमने का शौक पूरा करने का लिखा।

किसी ने तो यह भी लिखा की मेरे द्वारा जिंदगी में यदि किसी को ठेस पहुंची है तो मैं उससे माफी मागूँगा।

किसी ने लिखा कि मैं अपनी जिंदगी में हँसी की मात्रा बढ़ा दूंगा।

जिंदगी में किसी से भी शिकायत नहीं करूंगा और ना किसी को शिकायत का मौका दूंगा। किसी का भी मन न दुखे ऐसा काम करूंगा।

बहुत से लोगों ने तरह-तरह की बातें लिखी।

डॉक्टर आपरेशन करने के बाद जब मरीज को छुट्टी देते तब वह लिखा हुआ फार्म उन्हे वापस कर देते थे।

मरीज से कहते की आपने जो फॉर्म में लिखा है वह आप अपनी जिंदगी में कितना पूरा कर पा रहे हैं उस पर निशान लगाते जाएं। वापस आएं और मुझे बताएं कि आपने इसमें से किस तरह की जिंदगी जी है।

एक भी व्यक्ति ने ऐसा नहीं लिखा कि अगर मैं बच गया तो मुझे किसी से बदला लेना है।
अपने दुश्मन को खत्म कर दूंगा।
मुझे बहुत धन कमाना है।

अपने आपको बहुत व्यस्त रखना है।
सबसे हंस बोल कर रहना है
प्रत्येक का जीवन जीने का नजरिया अपना-अलग था।

कुछ क्षण अपने जीवन के बारे में चिंतन मनन करें। हमें अपनी जिंदगी में किस तरह का जीवन जीना शेष रह गया है जो हम जीवन जीना चाहते थे ?

बस इस तरह का जीवन जीना प्रारम्भ करें।
जीवन का आनंद तब ही है की जब जीवन की यात्रा पूर्ण हो तब कोई कामना नहीं रहे, कोई अफ़सोस ना रहे।

मन में यह ना रहे की , मैं जैसा हँसमुखी जीवन जीना चाहता था वैसा जीवन नहीं जी सका ।

हँसते रहिये,खुश रहिए और दूसरों को भी खुश रखिए।

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|(_/\\_ "" *smsday.in* """
— unknown
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"बेटी से माँ का सफ़र ( सभी महिलाओ को समर्पित)
बेटी से माँ का सफ़र
बेफिक्री से फिकर का सफ़र
रोने से चुप कराने का सफ़र
उत्सुकत्ता से संयम का सफ़र
पहले जो आँचल में छुप जाया करती थी ।
आज किसी को आँचल में छुपा लेती हैं ।
पहले जो ऊँगली पे गरम लगने से घर को उठाया करती थी ।
आज हाथ जल जाने पर भी खाना बनाया करती हैं ।
छोटी छोटी बातों पे रो जाया करती थी
बड़ी बड़ी बातों को मन में रखा करती हैं ।
पहले दोस्तों से लड़ लिया करती थी ।
आज उनसे बात करने को तरस जाती हैं ।
माँ कह कर पूरे घर में उछला करती थी ।
माँ सुन के धीरे से मुस्कुराया करती हैं ।
10 बजे उठने पर भी जल्दी उठ जाना होता था ।
आज 7 बजे उठने पर भी
लेट हो जाता है ।
खुद के शौक पूरे करते करते ही साल गुजर जाता था ।
आज खुद के लिए एक कपडा लेने में आलस आ जाता हैं ।
पूरे दिन फ्री होके भी बिजी बताया करते थे ।
अब पूरे दिन काम करके भी फ्री
कहलाया करते हैं ।
साल की एक एग्जाम के लिए पूरे साल पढ़ा करते थे।
अब हर दिन बिना तैयारी के एग्जाम दिया करते हैं ।
ना जाने कब किसी की बेटी
किसी की माँ बन गई ।
कब बेटी से माँ के सफ़र में तब्दील हो गई ...
"
— unknown
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"गार्डन में लैपटॉप लिए एक लड़के से
बुजुर्ग दम्पति ने कहा-😐
.
"बेटा हमें फेसबुक का अकाउंट बना दो।"
लड़के ने कहा- "लाइये अभी बना देता हूँ, कहिये किस नाम से
बनाऊँ?"😆
.
बुजुर्ग ने कहा- "लड़की के नाम से कोई भी अच्छा सा नाम
रख लो।"😐😄
.
लड़का ने अचम्भे से पूछा- "फेक अकाउंट क्यों ??"😴
.
बुजुर्ग ने कहा- "बेटा, पहले बना तो दो फिर बताता हूँ
क्यों ??"☺
.
बड़ो का मान करना उस लड़के ने सीखा था तो उसने अकाउंट
बना ही दिया।😇
.
अब उसने पूछा- "अंकल जी, प्रोफाइल इमेज क्या रखूँ?"
तो बुजुर्ग ने कहा- "कोई भी हीरोइन जो आजकल के बच्चों
को अच्छी लगती हो।"😐
.
उस लड़के ने गूगल से इमेज सर्च करके डाल दी, फेसबुक अकाउंट
ओपन हो गया।
.
फिर बुजुर्ग ने कहा- "बेटा कुछ अच्छे लोगो को ऐड कर दो।"
लड़के ने कुछ अच्छे लोगो को रिक्वेस्ट सेंड कर दी।
फिर बुजुर्ग ने अपने बेटे का नाम सर्च करवा के रिक्वेस्ट सेंड
करवा दी। .
लड़का जो वो कहते करता गया जब काम पूरा हो गया तो
उसने कहा....
"अंकल जी अब तो आप बता दीजिये आपने ये फेक अकाउंट
क्यों बनवाया?"
बुजुर्ग की आँखे नम हो गयी, उनकी पत्नी की आँखों से तो
आँसू बहने लगे।
उन्होंने कहा- "मेरा एक ही बेटा है और शादी के बाद वो
हमसे अलग रहने लगा। सालो बीत गए वो हमारे पास नहीं
आता। शुरू शुरू में हम उसके पास जाते थे तो वो नाराज हो
जाता था। कहता आपको मेरी पत्नी पसंद नहीं करती। आप
अपने घर में रहिये, हमें चैन से यहाँ रहने दीजिये। कितना अपमान
सहते इसलिए बेटे के यहाँ जाना छोड़ दिया।
एक पोता है और एक प्यारी पोती है, बस उनको देखने का
बड़ा मन करता है। किसी ने कहा कि फेसबुक में लोग अपने
फैमिली की और फंक्शन की इमेज डालते है,
तो सोचा फेसबुक में ही अपने बेटे से जुड़कर उसकी फैमिली के बारे में जान लेंगे 😞
और अपने पोता पोती को भी देख लेंगे, मन को शांति मिल
जाएगी। अब अपने नाम से तो अकाउंट बना नहीं सकते। वो
हमें ऐड करेगा नहीं, इसलिए हमने ये फेक अकाउंट बनवाया।"
बुजुर्ग दंपत्ति के नम आँखों को उनके पत्नी के बहते आँसुओं को
देखकर उस लड़के का दिल भर आया और सोचने लगा कि माँ-
बाप का दिल कितना बड़ा होता है जो औलाद के कृतघ्न होने
के बाद भी उसे प्यार करते हैं और औलाद कितनी जल्दी माँ-
बाप के प्यार और त्याग को भूल जाती है। "😞
बेकार की सायरी तो बहुत शेयर करते हो लेकिन ये लेख जरूर शेयर करे ताकि ऐसा करने वाले सभी संतान इस लेख को पढ़ कर सुधर सके! 👌 👍"
— unknown
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"कहानी ऐसी जो दिल छू जाए

#परिवार (#Family) #का_महत्त्व
(दोस्तों समय निकालकर पढ़ना जरूर👌)

एक गांव में दो बुजुर्ग दोस्त रहते थे, एक दिन पार्क मे दो बुजुर्ग बातें कर रहे थे....

पहला :- मेरी एक पोती है, शादी के लायक है... BA किया है, नौकरी करती है, कद - 5"2 इंच है.. सुंदर है
कोई लडका नजर मे हो तो बताइएगा..

दूसरा :- आपकी पोती को किस तरह का परिवार चाहिए...??

पहला :- कुछ खास नही.. बस लडका ME /M.TECH किया हो, अपना घर हो, कार हो, घर मे एसी हो, अपने बाग बगीचा हो, अच्छा job, अच्छी सैलरी, कोई लाख रू. तक हो...

दूसरा :- और कुछ...

पहला :- हाँ सबसे जरूरी बात..
अकेला होना चाहिए..
मां-बाप,भाई-बहन नही होने चाहिए..
वो क्या है लडाई झगड़े होते है...

दूसरे बुजुर्ग की आँखें भर आई फिर आँसू पोछते हुए बोला - मेरे एक दोस्त का पोता है उसके भाई-बहन नही है, मां बाप एक दुर्घटना मे चल बसे, अच्छी नौकरी है, डेढ़ लाख सैलरी है, गाड़ी है बंगला है, नौकर-चाकर है..

पहला :- तो करवाओ ना रिश्ता पक्का..

दूसरा :- मगर उस लड़के की भी यही शर्त है कि,
लडकी के भी मां-बाप, भाई-बहन या कोई रिश्तेदार ना हो...
कहते कहते उनका गला भर आया..
फिर बोले :- अगर आपका परिवार आत्महत्या कर ले तो बात बन सकती है.. आपकी पोती की शादी उससे हो जाएगी और वो बहुत सुखी रहेगी....

पहला :- ये क्या बकवास है, हमारा परिवार क्यों करे आत्महत्या.. कल को उसकी खुशियों मे, दुःख मे कौन उसके साथ व उसके पास होगा...

दूसरा :- वाह मेरे दोस्त, खुद का परिवार, परिवार है और दूसरे का कुछ नही... मेरे दोस्त अपने बच्चो को परिवार का महत्व समझाओ, घर के बडे ,घर के छोटे सभी अपनो के लिए जरूरी होते है... वरना इंसान खुशियों का और गम का महत्व ही भूल जाएगा, जिंदगी नीरस बन जाएगी...

पहले वाले बुजुर्ग बेहद शर्मिंदगी के कारण कुछ नही बोल पाए...

दोस्तों परिवार है तो जीवन मे हर खुशी, खुशी लगती है अगर परिवार नही तो किससे अपनी खुशियाँ और गम बांटोगे.

कहने का तात्पर्य यह है कि हमारा परिवार ही हमारा संसार है, हमारे सुख दुख में हमेशा हमारे साथ खड़ा रहता है, इसलिए परिवार को कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए।
धन्यवाद🙏

👩‍👩‍👧‍👧 अनमोल परिवार 👩‍👩‍👧‍👧"
— unknown
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"कहते हैं कि लालच एक बुरी बला है. यह एक प्रकार की इच्छा होती है जो हम सभी में होती है. आवश्‍यकता से अधिक पाने की इच्‍छा ही लालच है और इस लालच से ही अपराधों का जन्म होता है. यही लालच हमें बड़ी परेशनियो में ले आता है. कई बार हम लालच में जरुरत से ज़्यादा खा लेते है तो, हमारा पेट खराब हो जाता है. लालच अन्याय का आविष्कारक है, इससे हमेशा ही नुकसान होता है.

हमें अपने जीवन में जितना मिला है, जो भी मिला है, उसी में खुश रहना चाहिए और लालच कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि जब हमारे अन्दर लालच का जन्म होता है तो वो हमारे समस्त सुख-संतोष को भी ख़तम कर देता है. लालच को हम एक कहानी के माध्यम से समझते हैं.

एक नगर में एक भिखारी था जो मां लक्ष्मी जी का बड़ा भक्त था. जब भी भीख मांगने निकलता तो लक्ष्मी जी के दर्शन जरूर करता और मां लक्ष्मी जी से हमेशा प्रार्थना करता कि उसका आज का दिन बहुत अच्छा बीते यानि कि उसे ज़्यादा भीख मिले. और जब उसे कोई व्यक्ति भीख देता तो वो मां लक्ष्मी जी के जयकारे लगाता.

एक दिन जब वो सुबह-सुबह मन्दिर में मां लक्ष्मी जी की पूजा कर रहा था तो लक्षमी जी प्रकट हो गयी और एक वरदान मांगने के लिए कहा. लेकिन एक शर्त रख दी कि वरदान सिर्फ एक ही मिलेगा और एक ही बार मिलेगा. तब लालची भिखारी ने मां लक्षमी जी से कहा की मुझे बहुत सारे सोने के सिक्के चाहिए.

अपने भक्त की आरज़ू देखकर मां लक्ष्मी ने कहा की तुम्हें जितने भी सोने के सिक्के चाहिए, वो तुम्हे मिलेंगे, लेकिन ये याद रहे की जब मैं तुम्हारी झोली में सिक्के डालती जाऊं तो एक भी सिक्का ज़मीन पर नहीं गिरना चाहिए. यदि ऐसा हुआ तो सारे सिक्के मिटटी बन जाएंगे.

भिखारी ने कहा ठीक है और उसने अपनी कमज़ोर और पुरानी झोली ज़मीन पर फैला दी. तब मां लक्ष्मी जी ने कुछ सिक्के उस झोली में डाल दिये. लेकिन लालची भिखारी ने और भी सिक्के डालने के लिए कहा तब लक्ष्मी जी ने पूरी झोली भर दी.

झोली भरते ही भिखारी ने उसे उठाने का प्रयास किया तो झोली कमज़ोर और पुरानी होने की वजह से फट गई और सारे सिक्के ज़मीन पर गिर गए. देखते ही देखते सारे सिक्के गिर कर मिट्टी बन गए. अपने सारे सिक्के मिट्टी हो जाने पर भिखारी इधर उधर लक्ष्मी जी को ढूंढने लगा, लेकिन तब तक लक्ष्मी जी वहां से अंतर्ध्यान हो चुकी थी.

अब उस भिखारी के पास पछतावे के अलावा कुछ भी बाकी नहीं रहा. लालच एक छोटे मुंह के साथ एक विशाल दानव है और इसका पेट कभी नहीं भरता. इसलिए
हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए. जो कुछ भी हमारे पास है, उससे ही हमें संतोष करना चाहिए. लालच करने से जो कुछ भी हमारे पास है, उससे भी हाथ धोना पड़ जाता है."
— unknown