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"एक पति पत्नी प्यार से एक दुसरे को नाम लेकर पुकारते थे उनका मुन्ना भी उनको नाम लेकर पुकारने लगा जैसे मम्मी को बोलता था अनारकली मुझको स्कूटी से स्कूल छोड़ दे पापा को बोलता था रामकुमार मेरे लिए नई पेन्सिल ले आना पति पत्नी मुन्ने की इस आदत से बहुत परेसान हो गए मुन्ना किसी भी तरह काबू नहीं हो रहा था मसखरे लोगो ने प्लान बनाकर मस्ती लेने के लिए रामकुमार को और डरा दिया तुम्हारे मुन्ने पर किसी गुंडे बदमास का भूत दिख रहा है कुछ करवा लो खतरनाक भूत दिखता है मुन्ना अभी बड़ा होकर तुम्हारी पिटाई भी करेगा अभी तो नाम ही ले रहा है रामकुमार ताबीज भी लाया परेसान होकर मुन्ने ने गुस्से से ताबीज गले से उतारकर फेंक दिया और रामकुमार को चेतावनी भी दे दी अगली बार ताबीज लाया तो पुलिश मे बंद करवा दूंगा पुलिश तेरे हाथ पैर तोड़ देगी रामकुमार और घबरा गया उसने भी अब मानना शुरू कर दिया मुन्ने मे किसी गुंडे का भूत सवार हो गया है कोई तथाकथित बाबा रामकुमार से मुन्ने का किस्सा सुनकर भूत भगाने के 1 लाख मांग रहा था कोई 20 हज़ार परेसान होकर रामकुमार एक पेड़ के नीचे बेठा हुआ था बाजार मे एक पागल घूमता रहता था वो भी रामकुमार से कुछ दूर बेठ गया और जमीन पर मुक्के मारने लगा भूत तेरी गर्दन मरोड़ता हु तेरे बाप को भी मेने ही मारा था सारे भूतो को खत्म कर दूंगा.....हा हा हा मार दिया इस भूत को भी और चुपचाप शांति से बेठ गया रामकुमार ने डरते डरते पागल से अपनी समस्या बतानी शुरू की पागल भी रामकुमार को ध्यान से सुनने लगा और बोला कल यहीं मिलना एक मिठाई का डिब्बा लेकर आना और हल्ला करता हुआ चला गया अगले दिन रामकुमार मिठाई का डिब्बा लेकर पंहुचा तो पागल सर्दी मे भी चिल्ड कोल्ड ड्रिंक पी रहा था रामकुमार की मिठाई भी खा गया और रामकुमार से मुक्का तानकर बोला तेरी समस्या का हल मुझको सपने मे मिला आज से तू अपनी बीबी को मम्मी जी बोला कर और तेरी बीबी तुझको पापा जी बोलेगी तब तेरा मुन्ना ठीक होगा रामकुमार मुह लटकाकर घर लोटा पति पत्नी ने पागल की बात पर अमल करना शुरू कर ही दिया कुछ दिनों मे मुन्ना भी उनको मम्मी पापा बोलने लगा आस पास चर्चा होने लगी एक सट्टे बाज ने भी सुना वह भी मिठाई लेकर पागल के पास पहुच गया पागल मिठाई खा गया मोका देखकर सट्टे बाज ने पागल को सट्टे मे नुकसान का रोना सुनाना शुरू कर दिया पागल ने सट्टे बाज की गाल मे थप्पड़ मार दिया और मुस्करा कर चल दिया सट्टे बाज ने कालीदास की कथा पढ रखी थी उसने थप्पड़ का मतलब 5 उंगलिया अथार्त 5 समझा और पंजे पर जमकर सट्टा लगा दिया पंजा ही खुला सट्टे बाज की तो किस्मत ही पलट गई उसने पंजे को ही लक्की नंबर मान लिया यह बात नगर मे फ़ैल गई लोगो ने पागल को पकड़कर नहला धुला कर नए कपडे पहनाकर एक सुनसान पेड़ के नीचे बिठा दिया ओरते भजन कीर्तन करने लगी बाबा का नाम भी पागल बाबा रख दिया भीड़ होने लगी रेहड़ी वाले भी जम गए ऐसे ही एरिया का विकाश होने लगा कुछ दिनों बाद नगर मे अंडरग्राउंड कारोबार पर रेड पड़ी और पागल बाबा गायब हो गया 3 दिन के बाद पागल बाबा इंस्पेक्टर की भेष मे चमक दमक कर सिपाहियों को लेकर पंहुचा और लोगो को दर्सन दिए और बोला हां मे ही हु पागल बाबा मेरा मिसन पूरा हुआ अब मे दुसरे मिशन पर जा रहा हु रामकुमार के लडके की समस्या माहोल की थी और सट्टे बाज को भाग्य का साथ मिला लेकिन उसने कर्म भी किया क्योकि कर्म ही प्रधान है कर्म की प्रतिकिर्या होती है इसलिए शुभ कर्म ही करना चाहिए ..... जारी है...."