Shayari
"क्या है जिंदगी..??
जाने कितनी कर्ज़दार है जिन्दगी ,
नगद नही बस उधार है जिन्दगी !
आसान लगती है, पर उतनी है नही ,
तलवार की दुधारी धार है जिन्दगी!
रोज़मर्रा के सरोकारों से इतर भी,
नज़रों से दूर उस पार है जिन्दगी !
इम्तिहान होते है कदम - कदम पर,
क्या चंद नम्बरों का सार है जिन्दगी !
दुनियाँ के बेरहम,बेशर्म बाज़ार में ,
पूरे घाटे का व्यापार है जिन्दगी !
यहाँ सब लुटा के मुस्कराना पड़ता है ,
वाह... कितनी दिलदार है जिन्दगी।
Love ur Life"