Shayari
"आँखों को जब किसी की चाहत हो जाती है
उसे देख के ही दिल को राहत हो जाती है
कैसे भूल सकता है कोई किसी को ‘ऐ’ दोस्त
जब किसी को किसी की आदत हो जाती है
मोहोब्बत कुछ इस कदर हो जाती है उससे के रब से पहले उसकी इबादत हो जाती है
"